कदम - कदम बढ़ाये जा

 कदम - कदम बढ़ाये जा
 खुशी के गीत गाये जा
 यह जिन्दगी है कौम की
 तू कौम पर लुटाये जा
 तेरे लिये तेरे वतन की खाक बेकरार है
 हिमालय की चोटियों को तेरा इन्तजार है
 वतन से दूर है
 मगर वतन के गीत गाये जा ।
 कदम ......
 बड़ा कठिन सफर है यह बड़े कठिन हैं रास्ते
 मगर यह मुश्किलें हैं क्या सिपाहियों के वास्ते
 तू बिजलियों से खेल आंधियों पे मुस्कराये जा ।
 कदम ...... 
बिछड़ रहा है तुझसे तेरा भाई तो बिछड़ने दे 
नसीब कोम का बने तो अपना घर उजड़ने दे 
मिटा के अपना एक घर
 हज़ार घर बसाये जा !
 कदम ...... 

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