मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू

 मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू 
तेरा सब कुछ मैं मेरा सबकुछ तू
 हर करम अपना करेंगे , ऐ वतन तेरे लिए
 दिल दिया है जां भी देंगे , ऐ वतन तेरे लिए
 तू मेरा कर्मा तू मेरा धर्मा तू मेरा अभिमान है
 ऐ वतन महबूब मेरे तुझपे दिल कुरबान है
 हम जिएंगे और मरेंगे
 ऐ वतन तेरे लिए .........
 हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई हम वतन हम नाम हैं 
जो करे इनको जुदा मजहब नहीं इल्जाम है
 तेरी गलियों में जलाकर नफरतों की गोलियाँ
 लूटते हैं कुछ लुटेरे दुल्हनों की डोलियाँ 
लुट रहे हैं आप वो अपने घरों को लूटकर
 खेलते हैं बेखबर अपने लहू से होलियाँ
 हर कर्म अपना करेगें
 ऐ वतन तेरे लिए .........

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